विभाग में कार्यप्रणाली और राजस्व सुधार को लेकर बड़ी कार्रवाई सामने आई है। हाई लॉस वाले 11 केवी फीडरों पर लगातार समीक्षा के बावजूद अपेक्षित सुधार नहीं होने और विभागीय कार्यों के प्रति लापरवाही बरतने के आरोप में 23 अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की गई है।
विभागीय सूत्रों के अनुसार, लंबे समय से हाई लॉस फीडरों की लगातार समीक्षा की जा रही थी, लेकिन अपेक्षित सुधार नहीं दिखने पर जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जवाबदेही तय की गई। कार्रवाई की जद में सहायक अभियंता, अवर अभियंता, टीजी-2 सहित संविदाकर्मी शामिल बताए जा रहे हैं।
🚨 सिर्फ कार्रवाई नहीं, बिजली चोरी पर भी शिकंजा..
मामला यहीं नहीं रुका। बिजली चोरी के खिलाफ भी विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। विभिन्न क्षेत्रों में बिजली चोरी के मामलों में एफआईआर दर्ज कराई गई है, जबकि कार्य में लापरवाही और जिम्मेदारी का सही ढंग से निर्वहन न करने वाले कई संविदाकर्मियों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं।
🗣️ मुख्य अभियंता की दो टूक...
मुख्य अभियंता ने स्पष्ट संदेश दिया है कि विभागीय कार्य के प्रति लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी। अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करना होगा, अन्यथा विभागीय कार्रवाई के लिए तैयार रहना पड़ेगा।
⚡ UPPCL मीडिया की नज़र से...
यह कार्रवाई साफ संकेत देती है कि अब हाई लॉस, राजस्व हानि, बिजली चोरी और कार्य में लापरवाही पर विभाग का रुख सख्त होता जा रहा है। सवाल केवल कार्रवाई का नहीं, बल्कि उस व्यवस्था को सुधारने का भी है, जिसके कारण बार-बार समीक्षा के बावजूद अपेक्षित परिणाम नहीं मिल रहे थे।
जवाबदेही तय होगी, तभी व्यवस्था सुधरेगी. लापरवाही पर कार्रवाई और बेहतर कार्य करने वालों को सम्मान—यही मजबूत बिजली व्यवस्था की पहचान है।
— UPPCL MEDIA
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खबर प्रकाशित
29 Aug, 11:46 amविभाग में कार्यप्रणाली और राजस्व सुधार को लेकर बड़ी कार्रवाई सामने आई है। हाई लॉस वाले 11 केवी फीडरों पर लगाता...
आगे की रिपोर्ट आने पर यहीं जुड़ेगी। अभी समाधान की पुष्टि नहीं हुई है।
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