आंधी में झारखण्डी फीडर के पोल-तार टूटे, अब सवाल—जब नया फीडर सुरक्षित है तो उसे चालू क्यों नहीं किया जा रहा?
श्रावस्ती। गिलौला पावर हाउस से जुड़े सरवनतारा क्षेत्र के ग्रामीण इन दिनों बिजली संकट से बेहाल हैं। ग्रामीणों का कहना है कि करीब दो वर्ष पहले सरवनतारा नाम से नया फीडर तैयार किया गया था। पोल खड़े हैं, तार बिछे हैं, लेकिन आज तक इस फीडर में करंट नहीं दौड़ा।
वहीं, जिन उपभोक्ताओं को झारखण्डी फीडर से बिजली मिलती है, हाल में आए आंधी-तूफान ने उनकी मुश्किलें बढ़ा दीं। ग्रामीणों के मुताबिक झारखण्डी फीडर के कई पोल और तार क्षतिग्रस्त होने के कारण विद्युत आपूर्ति बहाल होने में लंबा समय लग सकता है।
ऐसे में ग्रामीणों का सीधा सवाल है—जब सरवनतारा फीडर पर न तो आंधी-तूफान से पोल गिरे और न तार क्षतिग्रस्त हुए, तो फिर लगभग दो साल से तैयार इस फीडर को चालू करने में विभाग को आखिर कौन-सी अड़चन है?
ग्रामीणों का कहना है कि यदि सरवनतारा फीडर को तत्काल चालू कर दिया जाए, तो प्रभावित क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति बहाल की जा सकती है और लोगों को लंबे बिजली संकट से राहत मिल सकती है।
अब देखना यह है कि गिलौला पावर हाउस के जिम्मेदार अधिकारी दो साल से खड़े पोल और बिछे तारों में करंट दौड़ाते हैं या फिर ग्रामीणों को सिर्फ आश्वासन की बिजली ही मिलती रहेगी?
यूपीपीसीएल मीडिया का सवाल:
👉 फीडर तैयार है तो चालू क्यों नहीं?
👉 दो साल से बिजली विभाग किस आदेश का इंतजार कर रहा है?
👉 आंधी के बाद जब वैकल्पिक व्यवस्था मौजूद है, तो उसका इस्तेमाल क्यों नहीं?
शिकायतकर्ता: दिलीप प्रधान, सरवनतारा, ब्लॉक इकौना, जिला श्रावस्ती।
अभी तक का अपडेट
खबर प्रकाशित
1 Oct, 03:09 pmआंधी में झारखण्डी फीडर के पोल-तार टूटे, अब सवाल—जब नया फीडर सुरक्षित है तो उसे चालू क्यों नहीं किया जा र...
आगे की रिपोर्ट आने पर यहीं जुड़ेगी। अभी समाधान की पुष्टि नहीं हुई है।
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