2000 बैच के वरिष्ठ IAS अधिकारी बने ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव; UPPCL, UPPTCL, उत्पादन निगम और UPSLDC के अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी
B.Tech. Electrical Engineering की तकनीकी पृष्ठभूमि के साथ जिला प्रशासन से लेकर पावर सेक्टर तक 26 साल का व्यापक अनुभव
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के विशाल विद्युत तंत्र को अब वरिष्ठ IAS अधिकारी रणवीर प्रसाद के प्रशासनिक अनुभव और तकनीकी समझ का नया नेतृत्व मिलेगा। शासन ने रविवार, 20 सितंबर 2026 को किए गए वरिष्ठ IAS अधिकारियों के फेरबदल में 2000 बैच के IAS अधिकारी रणवीर प्रसाद को प्रमुख सचिव, ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत विभाग की जिम्मेदारी सौंपी है। इसके साथ ही उन्हें उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL), उत्तर प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPTCL), उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (UPRVUNL) तथा UPSLDC के अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी दी गई है।
यह जिम्मेदारी इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि रणवीर प्रसाद के प्रशासनिक करियर में जिला प्रशासन, राजस्व, ग्रामीण विकास, आवास, उद्योग और खाद्य एवं रसद के साथ-साथ विद्युत उत्पादन एवं ट्रांसमिशन क्षेत्र का प्रत्यक्ष अनुभव भी शामिल है।
तकनीकी शिक्षा भी बिजली क्षेत्र से सीधे जुड़ी
उत्तर प्रदेश सरकार के IAS पोस्टिंग रिकॉर्ड में रणवीर प्रसाद की शैक्षणिक योग्यता B.Tech. (Electrical Engineering) दर्ज है। यानी जिस ऊर्जा एवं विद्युत व्यवस्था की अब उन्हें शीर्ष स्तर पर जिम्मेदारी मिली है, उसकी तकनीकी पृष्ठभूमि से भी उनका सीधा शैक्षणिक जुड़ाव है।
पोस्टिंग रिकॉर्ड के अनुसार रणवीर प्रसाद 2000 बैच के IAS अधिकारी हैं और उनका होम डिस्ट्रिक्ट नालंदा, बिहार दर्ज है। उनकी नियुक्ति IAS में वर्ष 2000 में हुई और वे वरिष्ठ स्तर तक पहुंचते हुए अब प्रदेश के ऊर्जा क्षेत्र की शीर्ष प्रशासनिक जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। उपलब्ध प्रोफाइल में उनके लगभग 26 वर्ष के प्रशासनिक सेवाकाल का उल्लेख है।
पावर सेक्टर का अनुभव पहले से मौजूद
रणवीर प्रसाद के लिए UPPCL की जिम्मेदारी बिल्कुल नया क्षेत्र नहीं है। पोस्टिंग रिकॉर्ड में फरवरी 2024 से जनवरी 2025 के दौरान उन्हें MD, UPRVUNL, UPPTCL एवं जल विद्युत निगम जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालते हुए दर्ज किया गया है।
ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े उनके पूर्व अनुभव में विद्युत उत्पादन और ट्रांसमिशन दोनों महत्वपूर्ण हिस्से शामिल रहे हैं। एक ऊर्जा क्षेत्रीय प्रोफाइल के अनुसार मार्च 2024 से उन्होंने UPRVUNL और UPPTCL के प्रबंध निदेशक के रूप में भी कार्य किया।
यानी अब जब उन्हें पावर सेक्टर की शीर्ष कंपनियों की अध्यक्षीय जिम्मेदारी मिली है, तो उनके सामने यह क्षेत्र पूरी तरह अपरिचित नहीं होगा।
जिलाधिकारी से लेकर शासन के शीर्ष स्तर तक लंबी प्रशासनिक यात्रा
सरकारी पोस्टिंग रिकॉर्ड रणवीर प्रसाद की लंबी प्रशासनिक यात्रा को भी सामने रखता है।
करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने Sub Collector, Dindigul, Additional Collector, Nagapattinam तथा जिला कलेक्टर स्तर की जिम्मेदारियां निभाईं। उत्तर प्रदेश में आने के बाद वे संत कबीर नगर, ललितपुर, मैनपुरी, उन्नाव, आजमगढ़ और भदोही जैसे जिलों में जिलाधिकारी/कलेक्टर की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।
इसके बाद उनकी जिम्मेदारियां शासन के विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों तक पहुंचीं। उन्होंने ग्रामीण विकास, समाज कल्याण, मनरेगा, दुग्ध विकास, हथकरघा एवं वस्त्र, उद्योग, UPSIDC, नगर विकास, राजस्व, राहत, आवास और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति जैसे क्षेत्रों में काम किया।
यह अनुभव बताता है कि उनका प्रशासनिक करियर केवल किसी एक विभाग तक सीमित नहीं रहा, बल्कि मैदानी प्रशासन से लेकर नीति और शासन स्तर तक फैला हुआ है।
ललितपुर, मैनपुरी और उन्नाव के DM भी रहे
पोस्टिंग रिकॉर्ड में रणवीर प्रसाद का जिलाधिकारी के रूप में ललितपुर, मैनपुरी और उन्नाव में कार्यकाल दर्ज है। बाद में वे मंडलायुक्त बरेली भी रहे।
राजस्व एवं राहत विभाग में सचिव तथा राहत आयुक्त जैसी जिम्मेदारियों के दौरान उन्हें आपदा प्रबंधन और प्रशासनिक समन्वय का भी अनुभव मिला। इसके बाद सितंबर 2022 से फरवरी 2024 तक वे Housing Commissioner एवं Director, Nagar Bhumi Simapan, Uttar Pradesh की जिम्मेदारी पर रहे।
2004 की सुनामी राहत में भी निभाई अहम भूमिका
तमिलनाडु में सेवा के दौरान रणवीर प्रसाद का नाम 2004 की सुनामी के बाद नागपट्टिनम में राहत एवं पुनर्वास कार्यों से भी जुड़ा रहा। उपलब्ध प्रोफाइल में नागपट्टिनम में उनके प्रशासनिक योगदान और सुनामी राहत प्रबंधन का उल्लेख मिलता है।
आपदा जैसी अत्यंत चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में मैदानी स्तर पर काम करने का यह अनुभव उनके प्रशासनिक करियर का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है।
UPSIDC से लेकर बरेली मंडल तक संभाली महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां
रणवीर प्रसाद UPSIDC के प्रबंध निदेशक, उद्योग आयुक्त, नगर विकास विभाग के सचिव, बरेली के मंडलायुक्त और राजस्व एवं राहत आयुक्त जैसी जिम्मेदारियां भी संभाल चुके हैं।
उनकी पोस्टिंग सूची में वर्ष 2016-18 के दौरान Commissioner & Director Handloom & Textile, UP तथा बाद में MD UPSIDC जैसे पद दर्ज हैं। वर्ष 2018 से 2021 के बीच उन्होंने बरेली मंडल के मंडलायुक्त के रूप में भी कार्य किया।
खाद्य एवं रसद विभाग से ऊर्जा क्षेत्र में नई पारी
ऊर्जा विभाग में नई जिम्मेदारी मिलने से पहले रणवीर प्रसाद प्रमुख सचिव, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। रविवार को हुए प्रशासनिक फेरबदल में उन्हें ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा विभाग में स्थानांतरित किया गया।
अब उनकी नई जिम्मेदारी में केवल विभागीय प्रशासन ही नहीं, बल्कि प्रदेश के पावर सेक्टर की प्रमुख संस्थाओं का शीर्ष नेतृत्व भी शामिल है।
अब सबसे बड़ी चुनौती—करोड़ों बिजली उपभोक्ताओं की व्यवस्था
उत्तर प्रदेश का बिजली तंत्र करोड़ों उपभोक्ताओं से सीधे जुड़ा है। ऐसे में रणवीर प्रसाद के सामने बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता, राजस्व वसूली, लाइन लॉस, विद्युत वितरण व्यवस्था, ट्रांसफॉर्मर एवं नेटवर्क क्षमता, स्मार्ट मीटरिंग, उपभोक्ता शिकायतों का निस्तारण, उत्पादन-ट्रांसमिशन का समन्वय और बिजली कंपनियों की वित्तीय स्थिति जैसे कई महत्वपूर्ण विषय होंगे।
विशेष बात यह है कि उन्हें एक साथ ऊर्जा विभाग के प्रशासनिक नेतृत्व और उत्पादन-ट्रांसमिशन-वितरण से जुड़ी प्रमुख संस्थाओं के शीर्ष स्तर पर काम करना होगा। शासन की अधिसूचित जिम्मेदारियों में UPPCL, UPPTCL, UPRVUNL और UPSLDC के अध्यक्ष पद शामिल हैं।
‘फाइलों’ से लेकर ‘फील्ड’ तक का अनुभव
रणवीर प्रसाद के प्रशासनिक सफर की खासियत यह है कि उन्होंने एक ओर जिलाधिकारी के रूप में सीधे जनता और मैदानी प्रशासन के बीच काम किया तो दूसरी ओर शासन स्तर पर राजस्व, आवास, उद्योग, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति तथा ऊर्जा जैसे बड़े विभागों की जिम्मेदारी संभाली।
इसके साथ B.Tech. Electrical Engineering की शैक्षणिक पृष्ठभूमि और पावर सेक्टर में पूर्व कार्यानुभव उनकी वर्तमान भूमिका को एक अलग आयाम देता है।
अब नजर होगी नई कार्यशैली पर
रणवीर प्रसाद को UPPCL की कमान ऐसे समय मिली है जब उत्तर प्रदेश का बिजली क्षेत्र लगातार विस्तार और बदलाव के दौर से गुजर रहा है। अब आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि उनके नेतृत्व में राजस्व सुधार, उपभोक्ता सेवाओं, तकनीकी दक्षता, विद्युत आपूर्ति और पावर कंपनियों की कार्यप्रणाली को लेकर क्या प्रशासनिक दिशा तय होती है।
एक बात स्पष्ट है—जिला कलेक्टर से लेकर मंडलायुक्त, शासन के प्रमुख विभागों और पावर सेक्टर के प्रबंधन तक का लंबा अनुभव रखने वाले रणवीर प्रसाद के सामने अब उत्तर प्रदेश की विद्युत व्यवस्था की शीर्ष जिम्मेदारी है। तकनीकी शिक्षा और प्रशासनिक अनुभव के इस मेल से पावर सेक्टर में उनकी कार्यशैली पर पूरे प्रदेश की नजर रहेगी।
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खबर प्रकाशित
20 Sep, 11:51 pm2000 बैच के वरिष्ठ IAS अधिकारी बने ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव; UPPCL, UPPTCL, उत्पादन निगम...
आगे की रिपोर्ट आने पर यहीं जुड़ेगी। अभी समाधान की पुष्टि नहीं हुई है।
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