बिना पैसे मीटर न लगाने, अभद्रता और बिना सूचना मीटर बदलने के आरोप; किसान संगठनों ने कार्रवाई की मांग की
गढ़मुक्तेश्वर। पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (PVVNL) के गढ़मुक्तेश्वर क्षेत्र में स्मार्ट मीटर लगाने का काम कर रही आउटसोर्स कंपनी के कर्मचारियों की कार्यशैली को लेकर उपभोक्ताओं और किसान संगठनों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। उपभोक्ताओं ने कर्मचारियों पर बिना पैसे लिए मीटर नहीं लगाने, अवैध वसूली, अभद्र व्यवहार तथा बिना पूर्व सूचना पुराने मीटर बदलने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
बताया जा रहा है कि स्मार्ट मीटर लगाने के दौरान कुछ उपभोक्ताओं से कथित तौर पर पैसे की मांग किए जाने की शिकायतें सामने आई हैं। आरोप है कि पैसे देने से इनकार करने पर मीटर लगाने में आनाकानी की जाती है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
XEN कार्यालय का किया घेराव
मामले को लेकर किसान संगठनों और स्थानीय उपभोक्ताओं ने विद्युत विभाग के गढ़मुक्तेश्वर XEN कार्यालय का घेराव कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने अधिकारियों के सामने कर्मचारियों की कथित मनमानी और उपभोक्ताओं के साथ दुर्व्यवहार का मुद्दा उठाते हुए निष्पक्ष जांच और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
किसान संगठनों का कहना है कि किसान और आम उपभोक्ता के साथ अभद्रता किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी। उनका कहना है कि उनकी लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं के सम्मान, पारदर्शिता और अधिकारों के लिए है।
स्मार्ट मीटर को लेकर तकनीकी शिकायतें भी
प्रदर्शन के दौरान स्मार्ट मीटर व्यवस्था से जुड़ी तकनीकी समस्याओं का भी मुद्दा उठाया गया। उपभोक्ताओं के मुताबिक, सर्वर संबंधी समस्या, रिचार्ज अपडेट होने में देरी और बिजली आपूर्ति बाधित होने जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि स्मार्ट मीटर लगाने वाली कंपनी के कर्मचारियों की कार्यप्रणाली की निगरानी की जाए और मीटर बदलने से पहले उपभोक्ताओं को नियमानुसार सूचना देने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
जांच के बाद ही तय होगी जिम्मेदारी
मामले में लगाए गए अवैध वसूली और दुर्व्यवहार के आरोप गंभीर हैं। ऐसे में विद्युत विभाग द्वारा शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर यह स्पष्ट किया जाना जरूरी है कि क्या किसी कर्मचारी ने नियमों के विपरीत पैसे की मांग की या मीटर बदलने की प्रक्रिया में निर्धारित नियमों का उल्लंघन किया।
UPPCL MEDIA का सवाल:
अगर स्मार्ट मीटर व्यवस्था उपभोक्ता सुविधा और पारदर्शिता के लिए है, तो फिर मीटर लगाने के नाम पर कथित वसूली और उपभोक्ताओं से दुर्व्यवहार की शिकायतें क्यों सामने आ रही हैं? विभाग और संबंधित कंपनी को इन शिकायतों की जांच कर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
नोट: यह रिपोर्ट उपभोक्ताओं एवं किसान संगठनों द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित है। आरोपों की स्वतंत्र/आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही मानी जाएगी।
अभी तक का अपडेट
खबर प्रकाशित
2 Sep, 10:12 amबिना पैसे मीटर न लगाने, अभद्रता और बिना सूचना मीटर बदलने के आरोप; किसान संगठनों ने कार्रवाई की मांग की गढ़म...
आगे की रिपोर्ट आने पर यहीं जुड़ेगी। अभी समाधान की पुष्टि नहीं हुई है।
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