रिपोर्ट | UPPCL MEDIA
गोरखपुर के कैम्पियरगंज में किसानों का गुस्सा आखिरकार सड़क पर उतर आया। भारतीय किसान यूनियन समाज के बैनर तले आयोजित किसान पंचायत में बिजली विभाग की कार्यशैली पर जमकर हमला बोला गया। किसानों ने साफ शब्दों में कहा कि “स्मार्ट मीटर सुविधा कम, उपभोक्ताओं के लिए मुसीबत ज्यादा बनते जा रहे हैं।”
पंचायत के दौरान अधिशासी अभियंता को सौंपे गए ज्ञापन में नंगे बिजली तारों को तत्काल हटाने, सुरक्षित केबल लाइन बिछाने, हाईटेंशन लाइनों की जगह केबल से आपूर्ति सुनिश्चित करने और स्मार्ट मीटरों की कथित गड़बड़ियों पर रोक लगाने जैसी प्रमुख मांगें उठाई गईं।
भाकियू नेताओं का आरोप है कि समय से बिल जमा करने के बावजूद बार-बार बिजली काटी जा रही है, जिससे उपभोक्ताओं में भारी नाराजगी है। सवाल यह भी उठाया गया कि जब उपभोक्ता समय पर भुगतान कर रहे हैं, तो आखिर बार-बार होने वाली कटौती और बढ़े हुए बिलों का जिम्मेदार कौन है?
किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन सिर्फ कैम्पियरगंज तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे क्षेत्र में व्यापक जनआंदोलन का रूप ले सकता है।
UPPCL MEDIA सवाल पूछता है: 👉 क्या स्मार्ट मीटर व्यवस्था उपभोक्ताओं को राहत देने आई है या नई परेशानी खड़ी करने? 👉 आखिर कब तक नंगे तारों के साये में लोग जान जोखिम में डालकर जीवन बिताएंगे? 👉 किसानों और उपभोक्ताओं की आवाज़ कब सुनेगा विभाग?
“समस्या का समाधान नहीं, तो आंदोलन होगा बड़ा” — यही संदेश कैम्पियरगंज की किसान पंचायत से निकलकर सामने आया है।
अभी तक का अपडेट
खबर प्रकाशित
29 Apr, 02:56 amरिपोर्ट | UPPCL MEDIA गोरखपुर के कैम्पियरगंज में किसानों का गुस्सा आखिरकार सड़क पर उतर आया। भारतीय किसान यूनि...
आगे की रिपोर्ट आने पर यहीं जुड़ेगी। अभी समाधान की पुष्टि नहीं हुई है।
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