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खत्म हुई ओटीएस योजना, 70 दिनों में पावर कारपोरेशन को मिले राजस्व के रूप में मिले 5436 करोड़ रुपये

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विद्युत विभाग द्वारा बकायेदारों को राहत पहुंचाने के लिए 8 नवंबर से चलाई जा रही एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) 16 जनवरी को समाप्त हो गई। अंतिम दिन अधिक से अधिक उपभोक्ता पंजीकरण करा सकें, इसके लिए विद्युत विभाग के कार्यालय देर रात तक खुले रहे। जबतक उपभोक्ता कार्यालय पहुंचे उनका ओटीएस योजना के तहत पंजीकरण किया गया। जिससे की उन्हें ओटीएस योजना का लाभ प्राप्त हो सकें।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने आठ नवंबर को एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) की शुरूआत की थी. पहले योजना 31 दिसंबर तक के लिए थी. इसके बाद 15 दिन के लिए बढ़ा गया. अब योजना की अवधि 16 जनवरी को खत्म हो रही है. पहली बार बिजली चोरी के मामलों को भी इस योजना में शामिल किया गया था. हालांकि जिस उद्देश्य से छूट का लाभ दिया गया, उसका फायदा विभाग को नहीं मिल पाया. हालांकि सामान्य उपभोक्ताओं ने बढ़ चढ़कर इस योजना में पहल की. इससे विभाग को 5436 करोड़ रुपये राजस्व के रूप में मिले, लेकिन योजना में चोरी और डिफाल्टर उपभोक्ताओं ने दिलचस्पी नहीं दिखाई।

उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड लखनऊ द्वारा बकायेदार व बिजली चोरी करते पकड़े गए उपभोक्ताओं को राहत देते हुए आठ नवंबर से एक मुश्त समाधान योजना (ओटीएस) लागू की थी। आठ नवंबर से शुरू हुई ओटीएस योजना 31 दिसंबर समाप्त हो गई। योजना का पहला चरण आठ से 31 नवंबर व व दूसरा चरण एक से 15 नवंबर तक चला था।

पहले चरण में बकायेदारों को जुर्माने में 65 फीसदी की छूट दी गई थी, जबकि दूसरे चरण में 60 फीसदी का बकायेदारों लाभ मिला था। 16 से 31 दिसंबर तक ओटीएस योजना का तीसरा और अंतिम चरण चला था। जिससे बद में शासन द्वारा इसे बढ़कार 16 जनवरी तक कर दिया था। इस चरण में भी बकायेदारों को जुर्माने में 50 प्रतिशत की छूट दी गई।

उत्तर प्रदेश में एकमुश्त समाधान योजना 70 दिनों तक लागू रही. 16 जनवरी के बाद से यह योजना समाप्त हो जाएगी. इसके बाद ऐसे उपभोक्ताओं को जिनका अभी भी बिल बकाया है उन पर कार्रवाई की जाएगी. 14 जनवरी तक ओटीएस के अंतर्गत 50.56 लाख उपभोक्ताओं ने छूट का लाभ लिया है. इससे विभाग को 5436 करोड़ रुपये का राजस्व मिला है. उपभोक्ताओं को भी 1795 करोड़ रुपये की छूट दी गई है. इसमें विद्युत चोरी के मामले में सिर्फ 1.03 लाख उपभोक्ताओं ने लाभ लिया. ऐसे में बिजली विभाग ने जिस उम्मीद के साथ बिजली चोरों से बकाया वसूली के लिए उन्हें ओटीएस का लाभ देकर किरकिरी झेली थी उसमें विभाग को कामयाबी नहीं मिली. अब भी प्रदेश में लाखों ऐसे बकाएदार बच गए हैं जो बिजली चोरी करने के बावजूद भुगतान नहीं कर रहे हैं. हालांकि अब ऐसे उपभोक्ताओं पर पॉवर कॉरपोरेशन शिकंजा कसने की तैयारी कर रहा है।

उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा का कहना है कि 16 जनवरी को एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) समाप्त हो रही है. जितने उपभोक्ताओं ने एकमुश्त समाधान योजना का लाभ लेकर अपना बकाया चुकाया है और समस्या का समाधान कराया है. उनका बिल खत्म हो गया है, लेकिन जिन उपभोक्ताओं ने अब भी इस योजना का लाभ न उठाकर बिल चुकता नहीं किया है, ऐसे बकायदाओं से सख्ती से बिल की वसूली की जाएगी. बिजली चोरी के प्रकरणों में सख्त एक्शन लिया जाएगा।

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खबर प्रकाशित

16 Jan, 07:09 pm

विद्युत विभाग द्वारा बकायेदारों को राहत पहुंचाने के लिए 8 नवंबर से चलाई जा रही एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) 16...

आगे की रिपोर्ट आने पर यहीं जुड़ेगी। अभी समाधान की पुष्टि नहीं हुई है।

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